BREAKING NEWS
करम आखड़ा में गूंजा मांदर, झारखंडी संस्कृति के संरक्षण का संदेशमेन रोड हनुमान मंदिर के बाहर नो-पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त पार्किंगमांदर की थाप को मिला सम्मान, झारखंड के पारंपरिक वाद्य को भौगोलिक संकेतक (GI) पहचानजंगलों में लौटेगा सफारी का रोमांच, 1 अक्टूबर से खुलेगा रास्ताकारोबारियों के मुद्दों पर मुखर हुआ झारखंड चैंबर, त्वरित समाधान की मांगवियतनाम हादसे में मृत रांची निवासी का शव लाने में जुटा प्रशासनकरम आखड़ा में गूंजा मांदर, झारखंडी संस्कृति के संरक्षण का संदेशमेन रोड हनुमान मंदिर के बाहर नो-पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त पार्किंगमांदर की थाप को मिला सम्मान, झारखंड के पारंपरिक वाद्य को भौगोलिक संकेतक (GI) पहचानजंगलों में लौटेगा सफारी का रोमांच, 1 अक्टूबर से खुलेगा रास्ताकारोबारियों के मुद्दों पर मुखर हुआ झारखंड चैंबर, त्वरित समाधान की मांगवियतनाम हादसे में मृत रांची निवासी का शव लाने में जुटा प्रशासन
Uncategorized

मांदर की थाप को मिला सम्मान, झारखंड के पारंपरिक वाद्य को भौगोलिक संकेतक (GI) पहचान

September 30, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड की लोकसंस्कृति और आदिवासी परंपरा की पहचान रहे पारंपरिक वाद्य मांदर को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिल गया है। चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री में झारखंड का मांदर’ के नाम से इसका पंजीकरण किया गया है। इसके लिए आवेदन 24 सितंबर 2021 को दाखिल किया गया था।

मांदर झारखंड के लोकगीतों, नृत्य, पर्व-त्योहारों और सामाजिक- सांस्कृतिक आयोजनों का अभिन्न हिस्सा है। इसके निर्माण में स्थानीय लाल मिट्टी और पारंपरिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी विशिष्ट बनावट और ध्वनि को जीआई पंजीकरण के महत्वपूर्ण आधारों में शामिल किया गया।

जीआई प्रक्रिया में गुमला के रायडीह क्षेत्र के कारीगरों और संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मांदर के झारखंड से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज और शोध संदर्भ भी प्रस्तुत किए गए। जीआई टैग से मांदर की क्षेत्रीय पहचान को औपचारिक मान्यता मिली है। इससे पारंपरिक कारीगरों और निर्माण कला के संरक्षण के साथ बाजार विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

← जंगलों में लौटेगा सफारी का रोमांच, 1 अक्टूबर से खुलेगा रास्ता मेन रोड हनुमान मंदिर के बाहर नो-पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त पार्किंग →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।