BREAKING NEWS
यात्री की तबीयत बिगड़ी, विमान में दी ऑक्सीजन; बेंगलुरु फ्लाइट 4 घंटे लेटसुब्रतो कप में झारखंड की बेटियों का शानदार प्रदर्शन, बिहार को 5-1 से हरायाराशन कार्ड सत्यापन तेज, 1.63 लाख अपात्र लाभुक चिन्हितअग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनरअग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनरकोकर के टाटा ऑटो मोटर्स वर्कशॉप में भीषण आग, कई वाहन जलकर खाकयात्री की तबीयत बिगड़ी, विमान में दी ऑक्सीजन; बेंगलुरु फ्लाइट 4 घंटे लेटसुब्रतो कप में झारखंड की बेटियों का शानदार प्रदर्शन, बिहार को 5-1 से हरायाराशन कार्ड सत्यापन तेज, 1.63 लाख अपात्र लाभुक चिन्हितअग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनरअग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनरकोकर के टाटा ऑटो मोटर्स वर्कशॉप में भीषण आग, कई वाहन जलकर खाक
Uncategorized

राशन कार्ड सत्यापन तेज, 1.63 लाख अपात्र लाभुक चिन्हित

August 24, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपात्र राशन लाभुकों को सूची से हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य में करीब 6.30 लाख पंजीकृत कार्डधारकों में से अब तक 1.63 लाख ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जो नियमों के विपरीत सरकारी राशन का लाभ ले रहे थे। सरकार के अनुसार यह निर्धारित लक्ष्य का करीब 26 प्रतिशत है।

जांच में छह माह से राशन नहीं उठाने वाले, नौकरीपेशा और वेतन से पीएफ कटने वाले कुछ लोग भी योजना का लाभ लेते मिले हैं। पोस्टल सर्विस की जांच में 808 संदिग्ध नाम सामने आए हैं। अपात्रों की पहचान के लिए विभाग ने विशेष डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम तैयार किया है। इसके माध्यम से लाभुकों के राशन उठाव और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सरकार का जोर ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ व्यवस्था को मजबूत करने पर भी है, ताकि पात्र लाभुक देश में कहीं से भी राशन प्राप्त कर सकें। विभाग का उद्देश्य पात्र लोगों को उनका पूरा अधिकार दिलाना और राशन वितरण में फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाना है।

← अग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनर सुब्रतो कप में झारखंड की बेटियों का शानदार प्रदर्शन, बिहार को 5-1 से हराया →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।