BREAKING NEWS
730 ग्राम के नवजात की जटिल सर्जरी, 126 दिन बाद मिली अस्पताल से छुट्टीदक्षिण अफ्रीका में आज भी गांधी के सत्य-अहिंसा का सम्मान : रबीन्द्रनाथ महतोझारखंड भाजपा को मिलेगा पवन साय के संगठनात्मक अनुभव का लाभसीएमपीडीआई में गांधी-शास्त्री जयंती, स्वच्छता अभियान 6.0 शुरूगांधी के सत्य और शास्त्री की सादगी को जीवन में उतारें : डॉ राजीव मनोहर582 खिलाड़ियों ने दिखाया दम, शनिवार से ‘खेलो झारखंड’730 ग्राम के नवजात की जटिल सर्जरी, 126 दिन बाद मिली अस्पताल से छुट्टीदक्षिण अफ्रीका में आज भी गांधी के सत्य-अहिंसा का सम्मान : रबीन्द्रनाथ महतोझारखंड भाजपा को मिलेगा पवन साय के संगठनात्मक अनुभव का लाभसीएमपीडीआई में गांधी-शास्त्री जयंती, स्वच्छता अभियान 6.0 शुरूगांधी के सत्य और शास्त्री की सादगी को जीवन में उतारें : डॉ राजीव मनोहर582 खिलाड़ियों ने दिखाया दम, शनिवार से ‘खेलो झारखंड’
Uncategorized

रॉयल्टी चालान व्यवस्था पर झारखंड चैंबर ने जताई चिंता, मुख्यमंत्री से नियम स्थगित करने की मांग

July 25, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड चैंबर ने रॉयल्टी चालान व्यवस्था में व्याप्त अस्पष्टता पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सरकारी संवेदकों के रनिंग अकाउंट बिलों के भुगतान के लिए रॉयल्टी चालान प्रस्तुत करने की अनिवार्यता को फिलहाल स्थगित रखने का आग्रह किया है।

चैंबर का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण सड़क, पुल, भवन, पेयजल, सिंचाई और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं के भुगतान प्रभावित हो सकते हैं, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका है। एफजेसीसीआई ने सरकार से लघु खनिजों के रॉयल्टी चालान जारी करने की प्रक्रिया और जिम्मेदार प्राधिकारियों को स्पष्ट करने, सभी विभागों के लिए समान कार्यप्रणाली लागू करने तथा हितधारकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है। इस संबंध में चैंबर ने मुख्यमंत्री को विस्तृत प्रतिवेदन भी सौंपा है।

← श्रावणी मेला 2026: वीआईपी दर्शन पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं रॉयल्टी चालान और शिक्षा मुद्दे पर सियासत तेज, चैंबर ने नियम स्थगन तो कांग्रेस ने सुधार की उठाई मांग →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।