
रांची: झारखंड चैंबर ने रॉयल्टी चालान व्यवस्था में व्याप्त अस्पष्टता पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सरकारी संवेदकों के रनिंग अकाउंट बिलों के भुगतान के लिए रॉयल्टी चालान प्रस्तुत करने की अनिवार्यता को फिलहाल स्थगित रखने का आग्रह किया है।

चैंबर का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण सड़क, पुल, भवन, पेयजल, सिंचाई और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं के भुगतान प्रभावित हो सकते हैं, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका है। एफजेसीसीआई ने सरकार से लघु खनिजों के रॉयल्टी चालान जारी करने की प्रक्रिया और जिम्मेदार प्राधिकारियों को स्पष्ट करने, सभी विभागों के लिए समान कार्यप्रणाली लागू करने तथा हितधारकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है। इस संबंध में चैंबर ने मुख्यमंत्री को विस्तृत प्रतिवेदन भी सौंपा है।
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