BREAKING NEWS
लोकतांत्रिक विरोध को कुचलना चाहती है हेमंत सरकार : बाबूलाल मरांडीसुप्रीम कोर्ट का नोटिस सरकार के लिए आईना, युवाओं के सवालों से भागना संभव नहीं : देवशरण भगतपरिसीमन के नाम पर आदिवासी राजनीतिक हिस्सेदारी में कटौती स्वीकार नहीं : शिल्पी नेहा तिर्कीश्रावण की सांस्कृतिक विरासत में रचे विद्यार्थियों के रंग, सुर और लोक परंपराएंप्रोस्टेट कैंसर पीड़ित 73 वर्षीय मरीज की रीढ़ की जटिल सर्जरी सफलजेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की छात्रा ने आठ लोगों के खिलाफ दी शिकायतलोकतांत्रिक विरोध को कुचलना चाहती है हेमंत सरकार : बाबूलाल मरांडीसुप्रीम कोर्ट का नोटिस सरकार के लिए आईना, युवाओं के सवालों से भागना संभव नहीं : देवशरण भगतपरिसीमन के नाम पर आदिवासी राजनीतिक हिस्सेदारी में कटौती स्वीकार नहीं : शिल्पी नेहा तिर्कीश्रावण की सांस्कृतिक विरासत में रचे विद्यार्थियों के रंग, सुर और लोक परंपराएंप्रोस्टेट कैंसर पीड़ित 73 वर्षीय मरीज की रीढ़ की जटिल सर्जरी सफलजेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की छात्रा ने आठ लोगों के खिलाफ दी शिकायत
Uncategorized

वाईबीएन विश्वविद्यालय में व्यास पूजा उत्सव, भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ मंथन

August 4, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: वाईबीएन विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं भारतीय शिक्षण मंडल, झारखंड प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को विश्वविद्यालय के सम्मेलन सभागार में “व्यास पूजा उत्सव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और महर्षि वेदव्यास के योगदान पर चर्चा की गई।

मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के चेयरमैन रामजी यादव रहे, जबकि कुलपति डॉ. सत्यदेव पोद्दार ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था की आत्मा ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों में निहित है। उन्होंने इन मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत अध्यक्ष डॉ. रंजीत मिश्रा, प्रांत मंत्री डॉ. सुबास साहु और डॉ. चंदन कुमार पंकज सहित कई शिक्षाविद उपस्थित रहे। अंत में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण का संकल्प लिया।

← दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि हाईकोर्ट से अपर बाजार के दुकानदारों को राहत, नगर निगम की कार्रवाई पर रोक →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।