
धनबाद : सिंदरी डोमगड़ में FCIL के पूर्व कर्मचारी, मृतक आश्रित, सेवानिवृत्त कर्मचारी, संविदा कर्मी, छोटे-बड़े व्यवसायी और आम नागरिक पिछले चार-पांच दशकों से निवास करते आ रहे हैं।
इन परिवारों ने अपने सीमित संसाधनों से यहां घर बनाए, अपनी जिंदगी बसाई और आजीविका खड़ी की। लेकिन अब FCIL प्रबंधन द्वारा निवासियों को बेदखल करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने से हजारों परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है।

तारा देवी ने राज्यपाल से मांग की कि इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए डोमगढ़ के लोगों के आवासीय अधिकार, सम्मान और आजीविका की रक्षा की जाए और मानवीय एवं न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए।
तारा देवी ने कहा विकास जरूरी है, लेकिन विकास की कीमत हजारों परिवारों के घर और भविष्य को उजाड़कर नहीं चुकाई जा सकती।
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