
तेनुघाट: तेनुघाट महाविद्यालय में सोमवार को विश्व आदिवासी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सुदामा तिवारी ने की, जबकि आयोजन एनएसएस पदाधिकारी प्रो. रावण मांझी के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद आदिवासी संस्कृति, परंपरा, भाषा और विरासत पर चर्चा हुई।
प्राचार्य प्रो. सुदामा तिवारी ने कहा कि आदिवासी समाज की रीति-रिवाज, भाषा और संस्कृति हमारी समृद्ध धरोहर हैं। आधुनिकता के दौर में कई परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त हो रही हैं, जिन्हें संरक्षित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एनएसएस पदाधिकारी प्रो. रावण मांझी ने युवाओं से अपनी भाषा, संस्कृति, धर्म तथा जल-जंगल-जमीन की विरासत के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परंपराओं को बचाने के साथ आधुनिक शिक्षा को अपनाना भी जरूरी है। कार्यक्रम में प्रो. श्रीकांत प्रसाद, प्रो. महावीर यादव, प्रो. प्रेमसागर प्रसाद, प्रो. धनंजय रविदास, प्रो. कालीचरण महतो समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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