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खनिज अधिकार कमजोर करना झारखंड के हितों पर प्रहार : शिल्पी नेहा तिर्की

August 14, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: लोकसभा में पारित खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक को लेकर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्र सरकार पर राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकार कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे मिलने वाले राजस्व पर अंकुश राज्य के हितों पर सीधा प्रहार है।

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि खनिज राजस्व से सरकार मंईयां सम्मान योजना, छात्रवृत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ग्रामीण विकास समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। राज्य के राजस्व स्रोत सीमित होने से इन योजनाओं पर सीधा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि झारखंड देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता है, इसलिए खनिज संपदा से जुड़े आर्थिक हितों की रक्षा करना राज्य का अधिकार है। उन्होंने केंद्र से विधेयक के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की। शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा और राज्य सरकार लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से इसका विरोध करेगी।

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