
लोहरदगा : भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की अधिकारी निशा उरांव ने कहा कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के ‘चंगाई सभा’ आयोजित नहीं की जानी चाहिए। उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार ग्राम सभा को ऐसी सभाओं पर निर्णय लेने का अधिकार है और यदि कुछ सदस्य भी विरोध करें तो अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने पारंपरिक ग्राम सभाओं, रूढ़िजन्य कानूनों और धार्मिक-सांस्कृतिक अधिकारों के संरक्षण की मांग करते हुए कहा कि पेसा कानून की भावना के अनुरूप केवल पारंपरिक ग्राम सभा व्यवस्था को ही मान्यता दी जानी चाहिए। निशा उरांव ने धर्मांतरित आदिवासियों के पारंपरिक पदों पर बने रहने, भुईहरी एवं पहनाई भूमि के अधिकार तथा गैर-पारंपरिक पड़हा संगठनों को मान्यता देने के मुद्दे पर भी प्रशासन से पुनर्विचार की मांग की।
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