जलवायु परिवर्तन के बीच जल संरक्षण और बेहतर आजीविका पर मंथन

कसमार : सारथी के स्थापना दिवस पर गुरुवार को बहादुरपुर स्थित सहयोगिणी कार्यालय में जिला स्तरीय “जलवायु अखड़ा 2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन, जल–जंगल–जमीन, जैव विविधता संरक्षण, जल संरक्षण एवं सतत आजीविका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, किसान, महिलाएं, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल…

कसमार : सारथी के स्थापना दिवस पर गुरुवार को बहादुरपुर स्थित सहयोगिणी कार्यालय में जिला स्तरीय “जलवायु अखड़ा 2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन, जल–जंगल–जमीन, जैव विविधता संरक्षण, जल संरक्षण एवं सतत आजीविका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, किसान, महिलाएं, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर खेती, जल स्रोतों और ग्रामीण आजीविका पर लगातार बढ़ रहा है। “रीच टू वैली” मॉडल के माध्यम से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। दामोदर बचाओ अभियान के गुलाब चंद्र ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के बिना ग्रामीण विकास संभव नहीं है।
कार्यक्रम में मनरेगा के तहत तालाब, डोभा और जल संरचनाओं के निर्माण पर बल दिया गया। अंत में 35 ग्राम पंचायतों के साथ सामुदायिक स्तर पर कार्य करने का एक्शन प्लान तैयार किया गया।

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