BREAKING NEWS
सी-डैक और सरला बिरला विश्वविद्यालय के बीच तकनीकी सहयोग पर सहमतिरिम्स-2 के विरोध में सीएम आवास कूच, कांके ब्लॉक चौक पर रोके गए प्रदर्शनकारीपीजी नामांकन प्रक्रिया में आंशिक संशोधन, दूसरी चयन सूची 25 जून को जारी होगीसंत जेवियर्स कॉलेज में 10 दिवसीय एनसीसी प्रशिक्षण शिविर शुरूश्रीनाथ विश्वविद्यालय और आईबीएम के बीच एमओयू, बिजनेस एनालिटिक्स में मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षणमोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा और सुशासन को समर्पित: बाबूलाल मरांडीसी-डैक और सरला बिरला विश्वविद्यालय के बीच तकनीकी सहयोग पर सहमतिरिम्स-2 के विरोध में सीएम आवास कूच, कांके ब्लॉक चौक पर रोके गए प्रदर्शनकारीपीजी नामांकन प्रक्रिया में आंशिक संशोधन, दूसरी चयन सूची 25 जून को जारी होगीसंत जेवियर्स कॉलेज में 10 दिवसीय एनसीसी प्रशिक्षण शिविर शुरूश्रीनाथ विश्वविद्यालय और आईबीएम के बीच एमओयू, बिजनेस एनालिटिक्स में मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षणमोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा और सुशासन को समर्पित: बाबूलाल मरांडी
Uncategorized

जीजीएसटीसी कांड्रा में एफडीपी के चौथे दिन विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान

June 11, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

बोकारो : गुरु गोविंद सिंह एजुकेशनल सोसाइटी टेक्निकल कैंपस (जीजीएसटीसी), कांड्रा में आयोजित आईएसटीई-बीएनवाई ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी)-2026 के चौथे दिन तीन महत्वपूर्ण तकनीकी एवं शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में एनआईटी सिलचर के प्रोफेसर डॉ. उपेंद्र कुमार ने भूजल प्रदूषण एवं उसके उपचार विषय पर जानकारी दी। उन्होंने भूजल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की।


दूसरे सत्र में संस्थान के निदेशक डॉ. प्रियदर्शी जरुहार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख प्रावधानों और उच्च शिक्षा में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जीजीएसटीसी में एनईपी-2020 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
तीसरे सत्र में पश्चिम बंगाल पीडब्ल्यूडी की कार्यपालक अभियंता इंजीनियर काजल सिन्हा ने आधारभूत संरचना विकास, परियोजना प्रबंधन और इंजीनियरिंग नवाचार पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षकों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता की।

← ओएनजीसी ने सीएसआर के तहत 10 दिव्यांगों को वितरित की बैटरी ट्राईसाइकिल खैराचातर सार्वजनिक हरि मंदिर में 48 घंटे का अखंड हरि कीर्तन शुरू, आस्था का उमड़ा सैलाब →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।