
डीपीएस बोकारो में चार राज्यों के 45 सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी गणितीय कौशल के लिए सम्मानित
बोकारो : भारत आविष्कारकों की धरती रही है, जहां आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञ व ज्योतिषविद हुए हैं। प्राचीन ज्योतिष व गणित विज्ञान आज की तुलना में काफी आगे था। उस दौर में आज की तरह मोबाइल, गूगल जैसी कोई सहायक तकनीक या सुविधा नहीं थी, फिर भी हमारे हमारे पुरोधा सोचते थे, खोज करते थे और लिखते थे। उनमें युवा ही सबसे अधिक थे। आज के विद्यार्थियों में भी उन्हीं की तरह वास्तविक ज्ञान के प्रति भूख जरूरी है।

बच्चे अपनी क्षमता को पहचानें और उसे निखारकर आर्यभट्ट की तरह बनें, जिससे कि पूरा संसार उन पर गर्व कर सके। ये बातें बोकारो इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने गुरुवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो में आयोजित आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने दशमलव एवं बाइनरी सिस्टम की खोज सहित आर्यभट्ट के अन्य योगदानों तथा सभ्यतावार गणित के क्रमिक विकास की यात्रा पर भी प्रकाश डाला। पुरस्कृत विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने डीपीएस बोकारो द्वारा वर्ष 1988 से लगातार आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के सफल आयोजन की सराहना की।

उक्त सम्मान समारोह के तहत डीपीएस बोकारो द्वारा विगत 37 वर्षों से आयोजित की जा रही आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता (एएमसी) के विद्यालयवार एवं ओवरऑल 45 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इनमें झारखंड-बिहार सहित पश्चिम बंगाल और ओडिशा के प्रतिभागी भी शामिल रहे। इन राज्यों के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 1400 विद्यार्थियों ने जूनियर, मिडिल और सीनियर कैटेगरी में भाग लिया था। ओवरऑल जूनियर में 15, मिडिल में 19 और सीनियर में 11 विद्यार्थी पुरस्कृत किए गए। तीनों ही कैटेगरी में डीपीएस बोकारो का ओवरऑल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, परंतु मेजबान विद्यालय होने के नाते खिताब प्रतियोगिता के निकटवर्ती प्रतिभागी विद्यालय को सुपुर्द किया गया। इसके तहत जूनियर और मिडिल कैटेगरी में हेम शीला मॉडल स्कूल, दुर्गापुर तथा सीनियर वर्ग में चिन्मय विद्यालय, बोकारो को विनर्स ट्रॉफी सुपुर्द की गई। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि प्रिय रंजन एवं डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने ट्रॉफी एवं स्थानानुसार पारितोषिक राशि का चेक देकर पुरस्कृत किया गया।

आज के डेटा साइंस का आधार है गणित : डॉ. गंगवार
इसके पूर्व, आरंभ में सभी का स्वागत करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं दीं तथा उत्कृष्टता का यह क्रम आगे भी बरकरार रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने डीपीएस बोकारो द्वारा गणित में बच्चों की तार्किक क्षमता और उनके कौशल को परखने के लिए साढ़े तीन दशक से भी अधिक समय से अनवरत आयोजित की जा रही आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के उद्देश्य व महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गणित आज के डेटा साइंस के पीछे की भाषा है। इस विषय के प्रति विद्यार्थियों में भय खत्म कर रुचि व आनंद जगाना इस प्रतियोगिता का ध्येय रहा है।

नृत्य-संगीत से विद्यार्थियों ने किया मंत्रमुग्ध
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य-संगीत की अपनी मनोरम प्रस्तुतियों से सबकी भरपूर सराहना पाई। मुख्य अतिथि के हरित स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत सुमधुर स्वागत गान तथा विद्यालय गीत की सुरीली प्रस्तुति के बाद विद्यालय के जमुना सदन के छात्र-छात्राओं की टोली ने पूर्वोत्तर भारत के लोक-शास्त्रीय मणिपुरी नृत्य और रूस के कलिनका डांस का सुंदर सम्मिश्रण प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
‘कोशिश’ की महिला प्रशिक्षुओं में प्रमाणपत्र वितरित
समारोह के दौरान डीपीएस बोकारो की ओर से निःशुल्क संचालित महिला-स्वावलंबन केन्द्र- कोशिश में सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली कई महिलाओं एवं युवतियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डीआई श्री रंजन ने सामाजिक उत्थान एवं महिला सशक्तीकरण की दिशा में विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. गंगवार ने मुख्य अतिथि को स्मृति-चिह्न भेंटकर एवं शॉल अलंकृत कर सम्मानित किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
Leave a Reply