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नाकामी को अपनी कमजोरी नहीं, कामयाबी की सीढ़ी बनाएं : शुभम

July 29, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

यूपीएससी में 142वीं रैंक लाकर आईएएस चुने गए डीपीएस बोकारो के पूर्व छात्र ने अपने जूनियरों का किया मार्गदर्शन

बोकारो (ख़बर आजतक) ‘ ‘असफलता सफलता की सीढ़ी है। नाकामी से घबराने, हताश होने या निराशा में डूबने की बजाय इसे अपनी ताकत बनाएं। हर बार की विफलता कुछ न कुछ सिखाती है तथा और अधिक बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है।’ यह कहना है संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सर्विस परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 142 लाकर आईएएस के लिए चुने गए डीपीएस बोकारो के पूर्व छात्र शुभम कुमार महतो का। वर्ष 2015 बैच के पूर्व छात्र शुभम बुधवार को अपनी उक्त कामयाबी के बाद अपने विद्यालय पहुंचे तथा पुरानी यादें साझा कीं।

उन्होंने अपनी सफलता के पीछे के लंबे संघर्ष से बच्चों को रू-ब-रू कराया और इसके जरिए उनका मार्गदर्शन किया। अतिथि व्याख्यान कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को उन्होंने बताया कि यूपीएससी में उन्होंने पहले भी सफलता पाई थी, लेकिन आईएएस नहीं मिल सका था। प्रत्यक्ष राष्ट्रसेवा के ध्येय से आईएएस बनना उनका सपना और उनकी जिद थी, जिसके लिए उन्होंने कभी हार न मानी। पहली बार की विफलता के बाद ब्रेक लेकर खूब मेहनत की, अध्ययन किया और चार बार के प्रयासों के बाद अंततः पांचवीं बार उन्होंने अपना मुकाम हासिल कर लिया। इसलिए, कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।

उन्होंने बच्चों से कहा कि चाहे वह यूपीएससी हो या कोई और परीक्षा, अपना एक लक्ष्य तय कर खुद पर भरोसा रखते हुए उसे पाने के लिए पूरी लगन और मेहनत से तैयारी करें। इस दिशा में स्वयं पर पूर्ण विश्वास तथा खुद के साथ ईमानदारी जरूरी है। जब आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास जारी रखेंगे, तो एक न एक दिन कामयाबी जरूर आपके कदम चूमेगी। शिक्षक आपको पढ़ाएंगे, ट्रिक्स देंगे, लेकिन निरंतर अभ्यास आपको स्वयं करना होगा। शुभम ने विद्यार्थियों को मोबाइल और इंटरनेट के संतुलित इस्तेमाल की प्रेरणा देते हुए कहा कि अगर इसका सही इस्तेमाल करें तो यह आपकी पढ़ाई में सहायक बन सकता है। यदि दुरुपयोग करेंगे तो यह कामयाबी की राह में आज के दौर का सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो सकता है। इस क्रम में छात्र-छात्राओं ने अपने सीनियर शुभम के साथ सीधे सवाल-जवाब भी किए और अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं। यूपीएससी की तैयारी के तौर-तरीके, अन्य करियर विकल्पों के साथ इसकी तुलना आदि विषयों पर बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देकर शुभम ने उनका मार्गदर्शन किया।

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने उक्त कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताते हुए शुभम जैसे प्रतिभावान पूर्व विद्यार्थियों को आज के छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। कहा कि विद्यालय ऐसे आयोजनों के माध्यम से अपने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन नियमित रूप से करता रहा है। उन्होंने शुभम को उक्त सफलता की बधाई देते हुए उनके लिए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

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