‘मांदर’ में दिखी झारखंड की कला-संस्कृति की रंगीन छटा

रांची: रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में गुरुवार को पीजी स्तरीय दो दिवसीय युवा महोत्सव सह चयन प्रतियोगिता ‘मांदर-2026’ का रंगारंग शुभारंभ हुआ। कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में पद्मश्री महावीर नायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि खेलकूद, कला, संस्कृति और संगीत भारतीय परिवेश व जीवन के आधारभूत तत्व हैं। इनके माध्यम से शिक्षा में सर्वांगीण विकास की अवधारणा पूरी होती है। उन्होंने आयोजन टीम और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

पद्मश्री महावीर नायक ने कहा कि संगीत मन को शांति और सुकून देता है। उन्होंने झारखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक संस्कृति की चर्चा करते हुए कहा कि मांदर को झारखंड की पहचान के रूप में जियो टैग मिलना गौरव की बात है। कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा ने बताया कि इसी सम्मान में महोत्सव का नाम ‘मांदर’ रखा गया है।

डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहु ने कहा कि विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें जोनल, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। उद्घाटन सत्र में विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका और मांदर वादन की प्रस्तुति दी। महोत्सव में एकल नाटक, रंगोली, क्ले मॉडलिंग, शास्त्रीय व सुगम संगीत, वाद्य संगीत, कोलाज, क्विज, वाग्मिता, चित्रकला और वाद-विवाद समेत कई प्रतियोगिताएं हुईं।

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