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माटी कला बोर्ड के पुनर्गठन की मांग, कुम्हार समाज ने विधायक उमाकांत रजक व श्वेता सिंह को सौंपा ज्ञापन

August 8, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

बोकारो: झारखंड में पारंपरिक माटी कला को संरक्षण देने और कुम्हार समाज के कारीगरों को रोजगार व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कुम्हार समाज की ओर से चंदनक्यारी विधायक उमाकांत रजक एवं बोकारो विधायक श्वेता सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।


ज्ञापन में कहा गया कि कुम्हार समाज प्राचीन काल से मिट्टी कला का संरक्षक रहा है। वर्तमान समय में औद्योगिकीकरण और आधुनिक तकनीक के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक माटी कला संकट के दौर से गुजर रही है। घड़ा, सुराही, कुल्हड़, दीपक, खिलौने, पूजा सामग्री, मिट्टी के तवा, मूर्तियां सहित अन्य वस्तुएं बनाने वाले कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण, उपकरण, ऋण, सब्सिडी और बाजार की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।


समाज ने बताया कि झारखंड में करीब 32 लाख कुम्हार निवास करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या पारंपरिक माटी कला से जुड़ी है। झारखंड माटी कला बोर्ड का कार्यकाल वर्ष 2020 में समाप्त होने के बाद अब तक पुनर्गठन नहीं हुआ है।


ज्ञापन के माध्यम से आगामी विधानसभा मानसून सत्र में माटी कला बोर्ड के पुनर्गठन, अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति तथा आवश्यक बजटीय प्रावधान करने की मांग सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाने का आग्रह विधायकों से किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष शेखर प्रजापति, महामंत्री जीवन जगन्नाथ एवं कोषाध्यक्ष हीरालाल महतो सहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।

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