BREAKING NEWS
मजबूत कानून-व्यवस्था से बढ़ेगा निवेश और आर्थिक विकास : झारखंड चैंबरवीबी ग्राम जी योजना को कैबिनेट की मंजूरी, आदिम जनजाति परिवारों को मिलेगा 150 दिन रोजगारसीसीएल के सहयोग से डकरा में केन्द्रीय विद्यालय का उद्घाटनसामूहिक मोर्चा के संयोजक पर हमलोगों को है पूर्ण विश्वास : सामूहिक मोर्चा महिला विंगदूधिया में लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजननराकास रांची की बैठक में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग पर जोरमजबूत कानून-व्यवस्था से बढ़ेगा निवेश और आर्थिक विकास : झारखंड चैंबरवीबी ग्राम जी योजना को कैबिनेट की मंजूरी, आदिम जनजाति परिवारों को मिलेगा 150 दिन रोजगारसीसीएल के सहयोग से डकरा में केन्द्रीय विद्यालय का उद्घाटनसामूहिक मोर्चा के संयोजक पर हमलोगों को है पूर्ण विश्वास : सामूहिक मोर्चा महिला विंगदूधिया में लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजननराकास रांची की बैठक में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग पर जोर
Uncategorized

राज्यसभा चुनाव: 754 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे अमीर प्रत्याशी बने परिमल नाथवानी

June 9, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी सबसे अमीर प्रत्याशी के रूप में सामने आए हैं। नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथ-पत्र के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 754.86 करोड़ रुपये है, जबकि उनकी वार्षिक आय 35.70 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।

वहीं बैद्यनाथ राम की कुल संपत्ति 4.56 करोड़ रुपये और वार्षिक आय 15.52 लाख रुपये है। दूसरी ओर प्रणव झा के पास 1.91 करोड़ रुपये की संपत्ति है और उनकी सालाना आय 11.93 लाख रुपये बताई गई है।

शपथ-पत्र के अनुसार चुनाव मैदान में उतरे तीनों उम्मीदवार करोड़पति हैं, लेकिन परिमल नाथवानी की संपत्ति और आय अन्य प्रत्याशियों की तुलना में कई गुना अधिक है। तीनों उम्मीदवारों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। राज्यसभा चुनाव के बीच उम्मीदवारों की संपत्ति का यह खुलासा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

← भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि एसडीटीडी रांची में राजभाषा कार्यशाला आयोजित →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।