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वन अधिकार के साथ संरक्षण में समुदाय की भागीदारी जरूरी

September 30, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

सुदेश महतो बोले- पीढ़ियों से जंगल बचाने वालों को निर्णय प्रक्रिया में मिले अधिकार

रांची : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने कहा कि वन अधिकार केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि समुदाय के सम्मान, अधिकार और अस्तित्व से जुड़ा सवाल है। अनगड़ा के सीताफॉल पार्किंग स्थल में सामुदायिक वन पालन संस्थान के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वन अधिकार कानून का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब स्थानीय समुदायों को वन संरक्षण और प्रबंधन में प्रभावी भागीदारी मिले।

उन्होंने कहा कि झारखंड के जंगल लोगों की आजीविका, संस्कृति और परंपरा के आधार हैं। पीढ़ियों से जंगलों का संरक्षण करने वाले समुदायों को इससे अलग रखकर स्थायी संरक्षण संभव नहीं है। वन अधिकारों की पहचान, वास्तविक हस्तांतरण और ग्राम स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

सुदेश महतो ने कहा कि महिलाओं को सामुदायिक वन प्रबंधन में नेतृत्वकारी भूमिका दी जाए। उन्होंने विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए स्थानीय हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। सम्मेलन में वन अधिकार, सामुदायिक संरक्षण और महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा हुई। इससे पूर्व डॉ. रामदयाल मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई।

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