
धनबाद। झारखंड विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण विशेष समिति की सक्रिय पहल से राज्य सरकार को बड़ी राजस्व उपलब्धि हासिल हुई है। समिति के सभापति सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में बताया गया कि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने सरकारी जमीन के उपयोग के एवज में राज्य सरकार के खाते में ₹220 करोड़ जमा कर दिए हैं। वहीं सेंट्रल कोल्फील्डिंस लिमिटेड (सीसीएल) और ईस्टर्न कोल्फील्डिंस लिमिटेड (ईसीएल) ने भी सरकारी भूमि उपयोग स्वीकार करते हुए राजस्व भुगतान पर सहमति जताई है, जिससे राज्य को ₹1000 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

बैठक में रैयतों की समस्याओं, सरकारी एवं वन भूमि पर खनन तथा ओवर बर्डन (ओबी) डंपिंग के मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। सभापति मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य रैयतों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिलाना और सरकारी राजस्व की क्षति को रोकना है। बीसीसीएल ने भी रैयतों को मुआवजा देने पर सहमति व्यक्त की है।
चंद्रदेव महतो ने बताया कि रैयतों की शिकायतों के समाधान के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है तथा अब तक 200 से अधिक आवेदनों की जांच जारी है। वहीं अरूप चटर्जी ने कहा कि पिछले 5-6 दशकों में सरकारी जमीन के उपयोग से हुए राजस्व नुकसान का आकलन कर वसूली सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में उमाकांत रजक और सुदीप गुड़िया भी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, बीसीसीएल प्रबंधन तथा विभिन्न सरकारी एवं औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समिति ने संबंधित अधिकारियों को जनहित और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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