
डीपीएस बोकारो में सोल्लास मना 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
बोकारो। : योग समस्त विश्व को भारत की अमूल्य देन है। सनातन संस्कृति व परंपरा की कड़ी में हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा प्रदत्त यह विद्या तन, मन और आत्मा को जोड़ने का प्राचीनतम विज्ञान है। स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन के लिए हम सभी को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा अवश्य बनाना चाहिए। उक्त बातें योगासना स्पोर्ट एसोसिएशन ऑफ झारखंड के मुख्य संरक्षक, बोकारो जिला योगासना स्पोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने कहीं।

रविवार को डीपीएस बोकारो में एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम को वह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास हमारे लिए आज ही नहीं, आनेवाले वर्षों में भी लाभप्रद होगा। इसी ध्येय के साथ इस वर्ष पूरी दुनिया योगा फॉर हेल्दी एजिंग थीम के साथ योग दिवस मना रही है। योग की महत्ता को देखते हुए ही वर्ष 2014 में साल के सबसे बड़े दिन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाना आरंभ किया गया था। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों से स्वयं के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी प्रतिदिन योग-प्राणायाम के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।

इसके पूर्व, विद्यालय की छात्राओं ने महाभारत के श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद एवं गीता-ज्ञान पर आधारित मनभावन योग-नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनका शारीरिक संतुलन, स्फूर्ति, लचक और आपसी सामंजस्य देखते ही बन पड़ा रहा था। इस अवसर पर विद्यालय की वरिष्ठ क्रीड़ा शिक्षिका, राष्ट्रीय योग प्रशिक्षिका एवं एसोसिएशन की बोकारो इकाई की संयुक्त सचिव निभा कुमारी ने सभी को कॉमन योगा प्रोटोकॉल के तहत 45 मिनट का विशेष योगाभ्यास कराया। ऊँ सह नाववतु सह नौ भुनक्तु… मंत्रोच्चार से इसकी शुरुआत हुई। तत्पश्चात ओमकार ध्वनि और मुरली की मधुर तान के बीच ताड़ासन, अर्द्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, वक्रासन, मकरासन, उत्तान पादासन, सूर्य नमस्कार, शशांकासन, तालासन सहित विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया। भ्रामरी, अनुलोम-विलोम व ध्यान के पश्चात सर्वे भवन्तु सुखिनः… मंत्रोच्चार से सत्र का समापन हुआ और सभी ने प्रतिदिन योगाभ्यास का संकल्प लिया।
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