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1981-86 की जीपीएफ कटौती राशि के भुगतान में देरी पर पेंशनर कल्याण समाज ने उठाई आवाज

August 1, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

तेनुघाट: झारखंड पेंशनर कल्याण समाज, अनुमंडल शाखा तेनुघाट के अध्यक्ष इंदेश्वरी चौबे ने झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री को पत्र भेजकर कार्यभारित स्थापना में कार्यरत रहे नलकूप खलासी उपेंद्र मांझी की सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) की कटौती राशि का अद्यतन ब्याज सहित शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि उपेंद्र मांझी के मासिक वेतन से वर्ष 1981 से 1986 तक सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) के अंशदान के रूप में राशि काटी गई थी, लेकिन आज तक उसका भुगतान नहीं किया गया है। आरोप लगाया गया है कि संबंधित कार्यपालक अभियंता भुगतान करने के बजाय अनावश्यक पत्राचार कर टालमटोल की नीति अपना रहे हैं, जिससे विभाग पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ भी बढ़ रहा है।


इंदेश्वरी चौबे ने बताया कि उपेंद्र मांझी 31 दिसंबर 2020 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवा काल से लेकर सेवानिवृत्ति के बाद तक वे लगातार अपने बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है।


झारखंड पेंशनर कल्याण समाज ने मंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक निर्देश जारी करने तथा उपेंद्र मांझी को अद्यतन ब्याज सहित जीपीएफ की राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते भुगतान नहीं किया गया तो मजबूरन न्यायालय की शरण लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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