
बोकारो : आज कसमार से बोकारो जिला समाहरणालय में एक्सपोजर विजिट के दौरान किशोरियों के दल ने जिले के कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों और सुरक्षा इकाइयों का दौरा किया, जहाँ अधिकारियों ने स्वयं उन्हें विभाग के कामकाज की जानकारी दी गई।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार, डीएलएसए कार्यालय के सचिव ने किशोरियों को महिला हिंसा, बाल हिंसा और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष रूप से जानकारी दी कि अनुसूचित जाति और जनजाति (ST-SC) की पीड़ित महिलाओं को कानूनी लड़ाई के लिए सरकार की ओर से निशुल्क वकील की सुविधा दी जाती है। आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 और 1098 की उपयोगिता भी समझाई गई।
बोकारो के पुलिस अधीक्षक नाथूराम मीणा ने किशोरियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “खूब पढ़ाई करो और जीवन में आगे बढ़ो।” उन्होंने लड़कियों को निडर रहने का संदेश दिया और भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की छेड़खानी या समस्या होने पर पुलिस की टीम उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने बिना किसी झिझक के पुलिस से संपर्क करने की अपील की।
महिला थाने में एक्सपोजर के दौरान किशोरियों को महिलाओं से जुड़े विशेष कानूनों की जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें यह भी सिखाया गया कि थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की सही प्रक्रिया क्या होती है, ताकि वे भविष्य में जागरूक नागरिक बन सकें।
बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई के भ्रमण के दौरान बच्चों के संरक्षण, उनके अधिकारों और मुसीबत में फंसे बच्चों के पुनर्वास से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं से किशोरियों को अवगत कराया गया।
जिला उद्योग केंद्र में किशोरियों को स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं और कौशलों की जानकारी दी गई, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सोच सकें।
इस संबंध में सहयोगिनी की सचिव कल्याणी सागर ने बताया कि संस्था के द्वारा कसमार प्रखंड के 30 गांव में बाल विवाह तथा बाल हिंसा के खिलाफ सघन रूप से अभियान चलाया जा रहा है,जिसके तहत किशोरी समूह बनाकर उनके बाद साथ लगातार कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है । इसी कड़ी में आज जिला स्तरीय एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया है।
बाल विवाह के खिलाफ जारी इस व्यापक कार्यक्रम और एक्सपोजर विजिट का सफल नेतृत्व सहयोगिनी संस्था की समन्वयक कुमारी किरण तथा मंजू देवी ने किया। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस तरह के दौरों से किशोरियों का आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे वे अपने गांवों में जाकर अन्य लड़कियों को भी बाल विवाह के खिलाफ जागरूक कर सकती हैं और एक ‘सशक्त बेटी’ के रूप में समाज का नेतृत्व कर सकती हैं।
किशोरियों के एक्सपोजर विजिट के दौरान मुख्य रूप से अंजली कुमारी सोनी कुमारी रमा कुमारी विद्या कुमारी दीप्ति कुमारी कोमल कुमारी सोनिया कुमारी नीतू कुमारी आदि उपस्थित थी।
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