BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

नराकास रांची की बैठक में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग पर जोर

July 2, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम), रांची की बैठक गुरुवार को सीएमपीडीआई में निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) नृपेन्द्र नाथ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में रांची स्थित विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

अध्यक्षीय संबोधन में नृपेन्द्र नाथ ने राजभाषा हिंदी को प्रशासनिक कार्यों की मुख्य भाषा बनाने पर बल देते हुए कहा कि हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे कार्यालयीन व्यवहार का स्वाभाविक माध्यम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने तकनीकी सुविधाओं, द्विभाषी सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता बताई। बैठक में राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को बधाई दी गई तथा सदस्य कार्यालयों से नराकास बैठकों में कार्यालय प्रमुखों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। वर्तमान में नराकास (उपक्रम), रांची के 37 सार्वजनिक उपक्रम सदस्य हैं।

← हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में बिष्टुपुर में निकला मशाल जुलूस, सरयू राय ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल दूधिया में लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजन →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।