
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार का एमएमडीआर संशोधन अधिनियम-2026 राज्य और राष्ट्र हित में है। झामुमो और कांग्रेस इसकी गलत व्याख्या कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों का विरोध राज्यहित के बजाय अवैध खनन सिंडिकेट और कथित काले धन के हितों की रक्षा के लिए है।

रघुवर दास ने कहा कि खनन क्षेत्र से होने वाले वैधानिक भुगतान का बड़ा हिस्सा राज्यों को मिलता है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार 34 स्वीकृत कोल ब्लॉकों में से केवल चार चालू करा सकी है। वहीं डीएमएफटी फंड की बड़ी राशि खर्च नहीं हुई है और कई योजनाएं लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब है।
उन्होंने कहा कि सेस के कारण झारखंड के कोयला और लौह अयस्क की लागत बढ़ी है, जिससे मांग प्रभावित हुई है। लीगल माइनिंग को बढ़ावा देने और पारदर्शी नीलामी से राजस्व, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। रघुवर दास ने सरकार पर युवाओं और छात्रों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए एमएमडीआर को लेकर आंदोलन खड़ा करने का आरोप लगाया। प्रेसवार्ता में योगेंद्र प्रताप सिंह और केके गुप्ता मौजूद थे।
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