BREAKING NEWS
गांधी के सत्य और शास्त्री की सादगी को जीवन में उतारें : डॉ राजीव मनोहर582 खिलाड़ियों ने दिखाया दम, शनिवार से ‘खेलो झारखंड’पारस एचईसी में दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी के चार मरीजों का सफल इलाजजेपीएससी भर्ती पर भाजपा ने उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांगडीजीपी की बैठक के बाद फायरिंग, बाबूलाल ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवालतेनुघाट उपकारा में जेल अदालत-सह-कानूनी जागरूकता शिविरगांधी के सत्य और शास्त्री की सादगी को जीवन में उतारें : डॉ राजीव मनोहर582 खिलाड़ियों ने दिखाया दम, शनिवार से ‘खेलो झारखंड’पारस एचईसी में दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी के चार मरीजों का सफल इलाजजेपीएससी भर्ती पर भाजपा ने उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांगडीजीपी की बैठक के बाद फायरिंग, बाबूलाल ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवालतेनुघाट उपकारा में जेल अदालत-सह-कानूनी जागरूकता शिविर
Uncategorized

गांधी के सत्य-अहिंसा के विचार आज भी प्रासंगिक : सुदेश

October 2, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

सिल्ली: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने सिल्ली विधानसभा क्षेत्र स्थित पार्टी कार्यालय में गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके सत्य, अहिंसा, शांति, सादगी और सामाजिक समरसता के विचारों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।

सुदेश महतो ने कहा कि गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। हिंसा, सामाजिक भेदभाव और असहिष्णुता से जूझ रही दुनिया को उनके सिद्धांत नई दिशा देने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन सत्य की शक्ति, अहिंसा के साहस और समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है। न्यायपूर्ण, समतामूलक और मानवीय समाज के निर्माण के लिए इन मूल्यों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान चुनौतियों का सामना करने और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा हैं।

← बोकारो के विभिन्न पंचायतों में बाल विवाह मुक्त गांव बनाने का प्रस्ताव पारित गांवों को गोद लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य को दें गति : राज्यपाल →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।