BREAKING NEWS
रांची के सभी मतदान केंद्रों पर 13-14 जून को लगेगा विशेष कैंपनई दिल्ली में सम्राट चौधरी से मिले सुदेश महतोनीति आयोग की बैठक में हेमंत सोरेन ने रखा झारखंड के समग्र विकास का रोडमैपसी-डैक और सरला बिरला विश्वविद्यालय के बीच तकनीकी सहयोग पर सहमतिरिम्स-2 के विरोध में सीएम आवास कूच, कांके ब्लॉक चौक पर रोके गए प्रदर्शनकारीपीजी नामांकन प्रक्रिया में आंशिक संशोधन, दूसरी चयन सूची 25 जून को जारी होगीरांची के सभी मतदान केंद्रों पर 13-14 जून को लगेगा विशेष कैंपनई दिल्ली में सम्राट चौधरी से मिले सुदेश महतोनीति आयोग की बैठक में हेमंत सोरेन ने रखा झारखंड के समग्र विकास का रोडमैपसी-डैक और सरला बिरला विश्वविद्यालय के बीच तकनीकी सहयोग पर सहमतिरिम्स-2 के विरोध में सीएम आवास कूच, कांके ब्लॉक चौक पर रोके गए प्रदर्शनकारीपीजी नामांकन प्रक्रिया में आंशिक संशोधन, दूसरी चयन सूची 25 जून को जारी होगी
Uncategorized

पीजी नामांकन प्रक्रिया में आंशिक संशोधन, दूसरी चयन सूची 25 जून को जारी होगी

June 11, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: रांची विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-27 के लिए स्नातकोत्तर (एमए, एमएससी, एमकॉम, एमसीए और एमएलआईएस) पाठ्यक्रमों में नामांकन प्रक्रिया में आंशिक संशोधन किया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पहली चयन सूची 13 जून 2026 को प्रकाशित होगी, जबकि पहली सूची के आधार पर नामांकन 16 से 20 जून तक होगा।

विश्वविद्यालय ने बताया कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 23 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। दूसरी चयन सूची 25 जून को जारी की जाएगी और इसके आधार पर नामांकन 26 जून 2026 को संपन्न होगा। यदि सीटें रिक्त रहती हैं तो विभागाध्यक्ष और प्राचार्य विश्वविद्यालय की पूर्व अनुमति से मेरिट के आधार पर नामांकन ले सकेंगे।

← संत जेवियर्स कॉलेज में 10 दिवसीय एनसीसी प्रशिक्षण शिविर शुरू रिम्स-2 के विरोध में सीएम आवास कूच, कांके ब्लॉक चौक पर रोके गए प्रदर्शनकारी →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।