
रांची: विश्व आदिवासी दिवस पर आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता एवं झारखंड आंदोलनकारी डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आदिवासी अधिकारों के लिए संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन, विस्थापन, पलायन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और भाषा-संस्कृति की रक्षा आज भी बड़ी चुनौतियां हैं। भगत ने कहा कि सीएनटी, एसपीटी और पेशा जैसे प्रावधान तभी सार्थक हैं, जब ग्रामसभा और स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया में वास्तविक अधिकार मिले। उन्होंने सरकार से आदिवासी जमीन की सुरक्षा, स्थानीय रोजगार, पलायन रोकने तथा शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने की मांग की। कहा कि झारखंड आंदोलन का सपना सामाजिक न्याय, सम्मान और अधिकार आधारित विकास से ही पूरा होगा।
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