
बोकारो (ख़बर आजतक) : परम पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की पादुका एवं उनके आदर्श जीवन के प्रतीक चिन्हों के साथ चिन्मय अमृत यात्रा शुक्रवार, तीन जुलाई को चिन्मय विद्यालय बोकारो पहुंची। इस अवसर पर पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया।

यात्रा की शुरुआत बालीडीह से हुई, जहां से नया मोड़, बोकारो मॉल और पीएनटी होते हुए यह विद्यालय परिसर तक पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। पीएनटी मोड़ से विद्यालय तक विशेष शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं की लंबी कतार शामिल रही।

इस दौरान पुरुलिया से आए छाऊ नृत्य दल ने आकर्षक प्रस्तुति देकर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। गुरुदेव की पादुका एवं मूर्ति को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर विद्यालय लाया गया, जहां विद्यार्थियों ने पारंपरिक झारखंडी लोक नृत्य, हनुमान चालीसा एवं श्रीराम गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कक्षा छठी के विद्यार्थियों ने गीता पंचामृत का सामूहिक पाठ कर आध्यात्मिक वातावरण को और प्रगाढ़ बनाया।

कार्यक्रम के दौरान चिन्मय मिशन बोकारो की आवासीय आचार्या स्वामिनी संयुक्तानंदा सरस्वती, सचिव हरिहर राउत, विद्यालय प्रबंधन अध्यक्ष बिस्वरूप मुखोपाध्याय, सचिव महेश त्रिपाठी, प्राचार्य सूरज शर्मा, वरीय उप प्राचार्य नरेंद्र कुमार एवं उप प्राचार्य डॉ. रोशन शर्मा सहित श्रीविद्या, अनन्या अग्रवाल, आर्या एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में स्वामी तपोवन सभागार में पादुका एवं मूर्ति की स्थापना कर विधिवत पूजन किया गया।
चिन्मय ट्रांसफॉर्मेशन सर्किल के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए तथा सभी भक्तों को समष्टि भिक्षा अर्पित की गई। इस दौरान चिन्मय युवा केंद्र के ब्रह्मचारी सुधीर चैतन्य एवं तारिणी चैतन्य भी मौजूद रहे।
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