BREAKING NEWS
झारखंड चैंबर की कार्यकारिणी बैठक में भवन नियमितीकरण योजना की अवधि बढ़ाने की मांगझारखंड-बिहार में पहली बार शुरू होगा ‘रोटरी मीन्स बिजनेस’, कनिका मल्होत्रा बनीं रांची चैप्टर की चेयरमैनकैंब्रियन स्कूल के विद्यार्थियों ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय का किया शैक्षणिक भ्रमणजेवीएम श्यामली में जेईई, नीट, सीएलएटी, एनआईएफटी व सीयूईटी के सफल विद्यार्थियों का सम्मानरांची नगर निगम पहली बार मनाएगा ‘सखुआ महोत्सव-2026’, अगस्त से चलेगा हरित अभियानलोजपा (रामविलास) में कई नेताओं-कार्यकर्ताओं ने ली सदस्यताझारखंड चैंबर की कार्यकारिणी बैठक में भवन नियमितीकरण योजना की अवधि बढ़ाने की मांगझारखंड-बिहार में पहली बार शुरू होगा ‘रोटरी मीन्स बिजनेस’, कनिका मल्होत्रा बनीं रांची चैप्टर की चेयरमैनकैंब्रियन स्कूल के विद्यार्थियों ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय का किया शैक्षणिक भ्रमणजेवीएम श्यामली में जेईई, नीट, सीएलएटी, एनआईएफटी व सीयूईटी के सफल विद्यार्थियों का सम्मानरांची नगर निगम पहली बार मनाएगा ‘सखुआ महोत्सव-2026’, अगस्त से चलेगा हरित अभियानलोजपा (रामविलास) में कई नेताओं-कार्यकर्ताओं ने ली सदस्यता
Uncategorized

झारखंड फार्मेसी काउंसिल में अनियमितता के खिलाफ भाजयुमो ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

May 27, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड फार्मेसी काउंसिल में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और अवैध नियुक्तियों के खिलाफ राज्यपाल संतोष गंगवार को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि काउंसिल में नियमों की अनदेखी कर नियुक्तियां की गई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान निबंधक सह सचिव प्रशांत कुमार पांडे की नियुक्ति छह माह के लिए की गई थी, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद भी वे पद पर बने हुए हैं। उन पर फर्जीवाड़ा और दोहरे रजिस्ट्रेशन नंबर के इस्तेमाल जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

भाजयुमो ने डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।

← आवास आवंटन में देरी से नाराज बीएसएल के पूर्व कर्मचारी, आंदोलन की चेतावनी दी भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी : आदित्य साहू →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।