
रांची: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में गुरुवार को 46वीं खरीफ अनुसंधान परिषद की बैठक आयोजित हुई। मुख्य अतिथि एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्व उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. टी.आर. शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय की जरूरतों को देखते हुए उच्च उपज, सूखा-सहिष्णु, रोग एवं कीट-प्रतिरोधी तथा उच्च प्रोटीन एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर फसल किस्मों का विकास किया जाना चाहिए।

उन्होंने नई किस्मों के विकास के लिए प्री-ब्रीडिंग और क्रॉप वाइल्ड रिलेटिव्स के उपयोग पर बल दिया। कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे ने झारखंड के सीमित संसाधनों वाले किसानों के लिए कम लागत वाली कृषि तकनीकों के विकास की आवश्यकता बताई। बैठक में स्वदेशी पशु नस्लों के संरक्षण, कम लागत वाले पशु आहार और पोल्ट्री क्षेत्र की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर वर्ष 2025 की खरीफ अनुसंधान उपलब्धियों पर आधारित दस्तावेज का विमोचन किया गया तथा विश्वविद्यालय के चार शिक्षकों और गुमला के प्रगतिशील किसान शैलेन्द्र कुमार भगत को सम्मानित किया गया।
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