
बोकारो जिले के पेटरवार स्थित वन विभाग सभागार में बुधवार को केंद्रीय वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति, उत्तरी छोटानागपुर के तत्वावधान में वन विभाग और वन सुरक्षा समितियों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यक्रम में राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) संजीव कुमार ने भाग लिया. इस दौरान विभिन्न वन सुरक्षा समितियों की ओर से 12 सूत्री मांग पत्र सौंपकर लंबित मांगों के समाधान की मांग की गई. कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि जंगलों के संरक्षण और संवर्धन में ग्रामीणों एवं वन सुरक्षा समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. समिति के प्रतिनिधियों ने वनोपज में हिस्सेदारी, समितियों के सशक्तीकरण तथा निष्क्रिय समितियों के पुनर्गठन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.
पीसीसीएफ संजीव कुमार ने कहा कि वन संरक्षण में स्थानीय समुदायों का योगदान महत्वपूर्ण है और समितियों की उचित मांगों पर विभाग सकारात्मक पहल करेगा. वहीं आरसीसीएफ डॉ. आर. थंगा पांडियन ने वन विभाग और समितियों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर जोर दिया. बैठक में डीएफओ नीतीश कुमार, रेंजर आर.के. सिंह सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों समिति प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस दौरान वन संरक्षण विषयक गीतों की प्रस्तुति भी हुई.
कार्यशाला के दूसरे सत्र में केंद्रीय वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति की 51 सदस्यीय कमेटी का पुनर्गठन किया गया. चर्चित वन आंदोलनकारी एवं भूतपूर्व केंद्रीय अध्यक्ष जगदीश महतो के निधन के बाद लगभग एक वर्ष से रिक्त अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से विष्णुचरण महतो का चयन किया गया. जबकि, देवशरण हेंब्रम संयोजक, राधानाथ सोरेन, गंगाधर महतो, सूरज महतो, धनुलाल महतो, कार्तिक माहथा एवं बीरू महतो उपाध्यक्ष, डॉ बीएन ओहदार महासचिव, मो सुलेमान अंसारी, हरेकलाल महतो, हुबलाल महतो, सुनीता देवी, कजरी देवी एवं चूरामन बेदिया सचिव, आनंद कुमार महतो कोषाध्यक्ष, वतन महतो संरक्षक, दीपक सवाल मीडिया प्रभारी, रमेश सहायक मीडिया प्रभारी के अलावा तीन दर्जन कार्यकारिणी सदस्यों का चयन किया गया. पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने माला पहनाकर सभी का स्वागत किया.
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