
धनबाद। सिंदरी अंचल में बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के संचालित गेस्ट हाउस, लॉज, धर्मशाला और विवाह भवनों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कई प्रतिष्ठान झारखंड सरकार की निर्धारित नियमावली का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है।

झारखंड सरकार की झारखंड शहरी क्षेत्र धर्मशाला, विवाह भवन, बैंक्वेट हॉल, लॉज एवं होटल निर्माण एवं अनुज्ञप्ति नियमावली, 2013 के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में संचालित सभी होटल, लॉज, धर्मशाला, बैंक्वेट हॉल और विवाह भवनों के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। नियमों के तहत बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सील भी किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंदरी क्षेत्र में एफसीआई लिमिटेड द्वारा आवंटित कुछ आवासों एवं धार्मिक स्थलों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इन परिसरों में गेस्ट हाउस, लॉज और विवाह समारोहों का संचालन कर मोटी कमाई की जा रही है, जबकि संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि इन प्रतिष्ठानों के पास वैध लाइसेंस नहीं है तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सरकार को मिलने वाले कर एवं शुल्क के रूप में राजस्व की भी क्षति हो रही है। मामले को लेकर धनबाद नगर निगम और संबंधित प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की है।
Leave a Reply