BREAKING NEWS
छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र की हत्या : डॉ. देवशरण भगतछात्रों पर हमला लोकतंत्र के लिए शर्मनाक : बाबूलाल मरांडीछात्रों से डर गई है महागठबंधन सरकार : अमर कुमार बाउरीएम‌एमडीआर बिल पर सियासी संग्राम तेज, आदित्य साहू ने कांग्रेस-झामुमो पर साधा निशानाभूमि निबंधन में अड़चन पर चैंबर सख्त, एनजीडीआरएस पोर्टल दुरुस्त करने की मांग25 लाख नौकरियों का सपना दिखाकर युवाओं को छल रही सरकार : सुदेश महतोछात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र की हत्या : डॉ. देवशरण भगतछात्रों पर हमला लोकतंत्र के लिए शर्मनाक : बाबूलाल मरांडीछात्रों से डर गई है महागठबंधन सरकार : अमर कुमार बाउरीएम‌एमडीआर बिल पर सियासी संग्राम तेज, आदित्य साहू ने कांग्रेस-झामुमो पर साधा निशानाभूमि निबंधन में अड़चन पर चैंबर सख्त, एनजीडीआरएस पोर्टल दुरुस्त करने की मांग25 लाख नौकरियों का सपना दिखाकर युवाओं को छल रही सरकार : सुदेश महतो
Uncategorized

सिंदरी में बिना लाइसेंस संचालित गेस्ट हाउस, लॉज व विवाह भवनों पर सवाल, निगम की कार्यशैली पर उठे प्रश्न

June 11, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read


धनबाद। सिंदरी अंचल में बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के संचालित गेस्ट हाउस, लॉज, धर्मशाला और विवाह भवनों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कई प्रतिष्ठान झारखंड सरकार की निर्धारित नियमावली का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है।


झारखंड सरकार की झारखंड शहरी क्षेत्र धर्मशाला, विवाह भवन, बैंक्वेट हॉल, लॉज एवं होटल निर्माण एवं अनुज्ञप्ति नियमावली, 2013 के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में संचालित सभी होटल, लॉज, धर्मशाला, बैंक्वेट हॉल और विवाह भवनों के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। नियमों के तहत बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सील भी किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंदरी क्षेत्र में एफसीआई लिमिटेड द्वारा आवंटित कुछ आवासों एवं धार्मिक स्थलों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इन परिसरों में गेस्ट हाउस, लॉज और विवाह समारोहों का संचालन कर मोटी कमाई की जा रही है, जबकि संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि इन प्रतिष्ठानों के पास वैध लाइसेंस नहीं है तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सरकार को मिलने वाले कर एवं शुल्क के रूप में राजस्व की भी क्षति हो रही है। मामले को लेकर धनबाद नगर निगम और संबंधित प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की है।

← धनबाद भाजपा की मासिक बैठक में संगठन मजबूती पर जोर, बूथ स्तर तक अभियान चलाने की तैयारी एमपीएल हाईवे की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों में आक्रोश, ट्रांसपोर्टिंग कार्य ठप →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।