BREAKING NEWS
सरला बिरला पब्लिक स्कूल में नई छात्र परिषद ने संभाली जिम्मेदारीरामगढ़ में मेगा रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज की पहल तेज करने की कही बातसावन से पहले स्वर्णरेखा घाट का निरीक्षण, महापौर ने दिए सफाई और सुविधाएं बेहतर करने के निर्देशसंत जेवियर्स कॉलेज में नए सत्र 2026-30 का शुभारंभ, ओरिएंटेशन में छात्रों का स्वागत20 जुलाई से शुरू होंगी रांची विश्वविद्यालय में पीजी की कक्षाएंदामू बानरा के निधन पर सुदेश महतो ने जताया शोकसरला बिरला पब्लिक स्कूल में नई छात्र परिषद ने संभाली जिम्मेदारीरामगढ़ में मेगा रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज की पहल तेज करने की कही बातसावन से पहले स्वर्णरेखा घाट का निरीक्षण, महापौर ने दिए सफाई और सुविधाएं बेहतर करने के निर्देशसंत जेवियर्स कॉलेज में नए सत्र 2026-30 का शुभारंभ, ओरिएंटेशन में छात्रों का स्वागत20 जुलाई से शुरू होंगी रांची विश्वविद्यालय में पीजी की कक्षाएंदामू बानरा के निधन पर सुदेश महतो ने जताया शोक
Uncategorized

एनसीएसटी सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने की विश्वविद्यालयों की समीक्षा, सात दिन में मांगी रिपोर्ट

July 8, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने रांची विश्वविद्यालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में जनजातीय विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं, प्रमोशन, पे-फिक्सेशन और छात्रवृत्ति की समीक्षा की। आयोग ने दोनों विश्वविद्यालयों को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

डॉ. लकड़ा ने कहा कि विश्वविद्यालयों के पास नियुक्ति, प्रमोशन और अन्य प्रशासनिक मामलों में पर्याप्त अधिकार नहीं हैं तथा कई ट्राइबल प्रोफेसरों और कर्मचारियों के प्रमोशन वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने जनजातीय छात्रों के लिए यूजी और पीजी दोनों स्तर पर छात्रवृत्ति, आंतरिक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के गठन, लायजन ऑफिसर की नियुक्ति और यूजीसी दिशानिर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालयों को अधिक अधिकार देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

← सीयूजे में पीजी की 171 रिक्त सीटों पर प्रवेश का दूसरा मौका, 15 जुलाई तक करें पंजीकरण एनसीएसटी सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने रांची विश्वविद्यालय में की समीक्षा बैठक →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।