
रांची: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने रांची विश्वविद्यालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में जनजातीय विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं, प्रमोशन, पे-फिक्सेशन और छात्रवृत्ति की समीक्षा की। आयोग ने दोनों विश्वविद्यालयों को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

डॉ. लकड़ा ने कहा कि विश्वविद्यालयों के पास नियुक्ति, प्रमोशन और अन्य प्रशासनिक मामलों में पर्याप्त अधिकार नहीं हैं तथा कई ट्राइबल प्रोफेसरों और कर्मचारियों के प्रमोशन वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने जनजातीय छात्रों के लिए यूजी और पीजी दोनों स्तर पर छात्रवृत्ति, आंतरिक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के गठन, लायजन ऑफिसर की नियुक्ति और यूजीसी दिशानिर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालयों को अधिक अधिकार देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Leave a Reply