
रांची: पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के रीनल साइंसेज विभाग की ओर से होटल रामाडा में “एशेंशियल्स ऑफ रीनल केयर” विषय पर जन-जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने किडनी एवं यूरोलॉजी संबंधी रोगों की समय पर पहचान, बचाव और आधुनिक उपचार पर जानकारी दी।

नेफ्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. अशोक कुमार बैद्य ने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी रोगों के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने, धूम्रपान व तंबाकू से दूर रहने और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा नहीं लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान होने पर डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण जैसी गंभीर स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।
कंसल्टेंट डॉ. धीरज कुमार ने क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के शुरुआती निदान और उपचार की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सौमिक चटर्जी, डॉ. कुणाल कुमार सिंह और डॉ. अमित कुमार ने क्रमशः सामान्य यूरोलॉजिकल समस्याओं, प्रोस्टेट रोगों तथा यूरोलॉजिकल कैंसर की समय पर पहचान और उपचार पर जानकारी दी।
अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस एचईसी हॉस्पिटल अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से किडनी एवं यूरोलॉजी रोगों का समग्र उपचार उपलब्ध करा रहा है। सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
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