BREAKING NEWS
बिनोद बाबू के सपनों के झारखंड के लिए शिक्षा-रोजगार और भ्रष्टाचार पर निर्णायक पहल जरूरी : सुदेशपरीक्षा-सत्र की बदहाली पर राज्यपाल से शिकायतबारिश के बीच भी नहीं थमा करमा पर्व का उत्साह, मांदर की थाप पर देर रात तक झूमे ग्रामीणआयुर्वेद के महत्व से रूबरू हुए विद्यार्थीएसबीयू के स्थापना दिवस पर शिक्षक-टॉपर्स सम्मानितबैंक रविवार को भी खुलेंगे, 27 सितंबर को सामान्य कामकाजबिनोद बाबू के सपनों के झारखंड के लिए शिक्षा-रोजगार और भ्रष्टाचार पर निर्णायक पहल जरूरी : सुदेशपरीक्षा-सत्र की बदहाली पर राज्यपाल से शिकायतबारिश के बीच भी नहीं थमा करमा पर्व का उत्साह, मांदर की थाप पर देर रात तक झूमे ग्रामीणआयुर्वेद के महत्व से रूबरू हुए विद्यार्थीएसबीयू के स्थापना दिवस पर शिक्षक-टॉपर्स सम्मानितबैंक रविवार को भी खुलेंगे, 27 सितंबर को सामान्य कामकाज
Uncategorized

बिनोद बाबू के सपनों के झारखंड के लिए शिक्षा-रोजगार और भ्रष्टाचार पर निर्णायक पहल जरूरी : सुदेश

September 24, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड आंदोलन के पुरोधा एवं समाज सुधारक स्व. बिनोद बिहारी महतो तथा पूर्व सांसद स्व. राज किशोर महतो की जयंती पर आजसू पार्टी की ओर से सिल्ली और रांची स्थित पार्टी मुख्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने दोनों विभूतियों को नमन करते हुए उनके विचारों और संघर्षों को याद किया।

सुदेश महतो ने कहा कि बिनोद बाबू ने जिस झारखंड की कल्पना की थी, उसमें शिक्षा, स्वाभिमान, रोजगार, सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकार केंद्र में थे। राज्य गठन के वर्षों बाद भी युवाओं के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता के गंभीर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार के आरोप युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ाते हैं। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बिनोद बाबू के ‘पढ़ो और लड़ो’ के विचार को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण को प्राथमिकता देनी होगी। कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

← परीक्षा-सत्र की बदहाली पर राज्यपाल से शिकायत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।