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जेटेट 2026 में क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को शामिल करने की मांग

May 30, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 में क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं को शामिल करने संबंधी लिखित सुझाव सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2008, 2012 और 2016 की शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में अंगिका, भोजपुरी और मगही को क्षेत्रीय भाषाओं के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन वर्तमान अधिसूचना में इन्हें स्थान नहीं दिया गया है।

सुझाव में मैथिली, अंगिका, भोजपुरी, मगही के साथ असुर, बिरहोर और माल्तो जैसी जनजातीय भाषाओं को भी शामिल करने की मांग की गई। साथ ही संथाल परगना में कुरमाली भाषा को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देते हुए सभी क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

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