BREAKING NEWS
शिबू सोरेन को पद्म भूषण मिलने पर राजद ने जताई खुशी₹4.91 करोड़ की दो सड़क योजनाओं का शिलान्यास, ग्रामीणों को मिलेगी राहतदिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मानगेल ने गैस आपदा से निपटने के लिए किया ऑफ-साइट मॉक ड्रिल262 स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगा नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मजबूतीएसबीयू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी गई श्रद्धांजलिशिबू सोरेन को पद्म भूषण मिलने पर राजद ने जताई खुशी₹4.91 करोड़ की दो सड़क योजनाओं का शिलान्यास, ग्रामीणों को मिलेगी राहतदिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मानगेल ने गैस आपदा से निपटने के लिए किया ऑफ-साइट मॉक ड्रिल262 स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगा नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी मजबूतीएसबीयू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी गई श्रद्धांजलि
Uncategorized

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया सम्मान

June 23, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड की धरती के महान जननायक, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और झारखंड आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने यह सम्मान ग्रहण किया।

यह सम्मान शिबू सोरेन के सामाजिक, राजनीतिक और आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए दीर्घकालिक संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने जीवनकाल में जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आदिवासी समाज के अधिकारों तथा सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष किया। झारखंड राज्य के गठन के आंदोलन में उनकी भूमिका को ऐतिहासिक माना जाता है।

सम्मान ग्रहण करते समय रूपी सोरेन भावुक नजर आईं। उन्होंने इसे केवल अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और आदिवासी समाज का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दिशोम गुरु के संघर्ष, त्याग और समाज के प्रति समर्पण को मिली राष्ट्रीय पहचान है।

समारोह में कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर देशभर के राजनीतिक एवं सामाजिक नेताओं ने शिबू सोरेन के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके विचार एवं संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

पद्म भूषण सम्मान को झारखंड के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है। यह सम्मान न केवल शिबू सोरेन के योगदान को रेखांकित करता है, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों और पहचान के लिए उनके आजीवन संघर्ष को भी राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करता है।

← गेल ने गैस आपदा से निपटने के लिए किया ऑफ-साइट मॉक ड्रिल ₹4.91 करोड़ की दो सड़क योजनाओं का शिलान्यास, ग्रामीणों को मिलेगी राहत →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।