BREAKING NEWS
20 जुलाई से शुरू होंगी रांची विश्वविद्यालय में पीजी की कक्षाएंदामू बानरा के निधन पर सुदेश महतो ने जताया शोकएस‌आईआर अभियान में बीएलओ और सुपरवाइजर को मिलेगा ₹6,000 का अतिरिक्त मानदेयसदर अस्पताल में पहली बार सफल थोरैसिक डिकॉर्टिकेशन सर्जरीजेपीएससी रिजल्ट में कथित गड़बड़ी के विरोध में युवा आजसू का मार्चपूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक को दीपिका पांडेय सिंह ने दी श्रद्धांजलि20 जुलाई से शुरू होंगी रांची विश्वविद्यालय में पीजी की कक्षाएंदामू बानरा के निधन पर सुदेश महतो ने जताया शोकएस‌आईआर अभियान में बीएलओ और सुपरवाइजर को मिलेगा ₹6,000 का अतिरिक्त मानदेयसदर अस्पताल में पहली बार सफल थोरैसिक डिकॉर्टिकेशन सर्जरीजेपीएससी रिजल्ट में कथित गड़बड़ी के विरोध में युवा आजसू का मार्चपूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक को दीपिका पांडेय सिंह ने दी श्रद्धांजलि
Uncategorized

3700 करोड़ का हिसाब दो: खनन फंड पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा हमला, विकास पर उठे सवाल

July 14, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

चाईबासा: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पश्चिमी सिंहभूम के दो दिवसीय दौरे के दौरान चाईबासा जिले में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट फंड के उपयोग पर गंभीर सवाल उठाए। बरायबुरु में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में जिले को करीब 3,700 करोड़ रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट फंड के रूप में मिले, लेकिन खनन प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित विकास दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर राशि का प्रभावी उपयोग नहीं हुआ। मरांडी ने कहा कि सारंडा क्षेत्र के दौरे में आज भी लोगों को पेयजल समेत कई मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट फंड के खर्च की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे और खनन प्रभावित लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

← रीढ़ के पास फंसी गोली निकाल 62 वर्षीय मरीज की बचाई जान 17 जुलाई से शुरू होगी 65वीं राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।