
विद्यालय के 26 छात्र-छात्राओं ने मारी बाजी, प्राचार्य डॉ. गंगवार ने दी बधाई
बोकारो (ख़बर आजतक) : देश के मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से इस वर्ष पुनः आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (री-नीट) यूजी 2026 में दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट सफलता दर्ज की है। सबसे अहम बात यह रही कि सीबीएसई 12वीं बोर्ड की साइंस स्ट्रीम में नेशनल टॉपर रहे आदित्य मिश्रा ने नीट में भी अपनी सर्वश्रेष्ठता सिद्ध की।
आदित्य ने ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 546 तथा जनरल कैटेगरी रैंक 344 प्राप्त कर यहां टॉपर होने का गौरव प्राप्त किया। कुल प्राप्तांक 720 में 670 अंक उसने हासिल किए, जबकि उसका कुल परसेंटाइल 99.972 रहा। कैटेगरी रैंक एआईआर 859 और ओवरऑल एआईआर 7927 के साथ तेजस्वी दूसरे स्थान पर रही। उसने कुल 607 अंक प्राप्त किए तथा परसेंटाइल 99.594 रहा। वहीं, ईशान गौरव कैटेगरी रैंक 1296 के साथ तीसरे स्थान पर रहे। समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय के 26 छात्र-छात्राओं के सफल होने की सूचना है। इनमें से 10 परीक्षार्थियों ने 99 परसेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त किए।
श्रेणीवार प्राप्त आंकड़ों के तहत विद्यालय के सफल छात्र-छात्राओं में आदित्य मिश्रा (एआईआर 344- जनरल), तेजस्वी (एआईआर 859- जनरल-ईडब्ल्यूएस), ईशान गौरव (एआईआर 1296- एससी), तनिष्क यश (एआईआर 2785- जनरल), आयशा फलक सिद्दीकी (एआईआर 3585- जनरल), विनीत कुमार झा (एआईआर 4288- जनरल), अनुपम शर्मा (एआईआर 4731- ओबीसी एनसीएल), ईधा सिंह (एआईआर 5265- जनरल), अरिंजय सिंह (एआईआर 6711- जनरल) और मयंक राज (एआईआर 7449- ओबीसी एनसीएल) के अलावा तौज़ीह दूजा, श्रीसंत कुमार सिंह, अदिति चन्द्रा, अक्षिता पाठक, तान्या श्री, आव्या सिंह, रोहन कुमार राठौर सहित अन्य विद्यार्थियों के नाम शामिल हैं।
अपने विद्यार्थियों की इस शानदार कामयाबी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने सभी सफल परीक्षार्थियों को बधाई दी। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्राचार्य ने कहा कि यह विद्यार्थियों की मेहनत व लगन और विद्यालय के शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। पहली परीक्षा रद्द होने के बावजूद जिन विकट परिस्थितियों में छात्र-छात्राओं ने कामयाबी पाई, वह वास्तव में सराहनीय है। विदित हो कि बीते 21 जून 2026 को बोकारो में आठ सेंटरों पर कुल 2655 अभ्यर्थियों ने दोबारा नीट की परीक्षा दी थी।
——————- टॉपर्स टॉक —————- –
परीक्षा रद्द होने के बाद निराशा की चुनौतियों पर फतह पाकर आदित्य ने पाई उल्लेखनीय कामयाबी

सफल चिकित्सक बन मानवता की सेवा को बनाया अपने जीवन का ध्येय
बोकारो। दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रतिभावान विद्यार्थी आदित्य मिश्रा ने न केवल पढ़ाई-लिखाई, बल्कि इच्छाशक्ति के मामले में भी मिसाल पेश की है। री-नीट में देशभर में 546वीं तथा श्रेणीवार 344वीं रैंक पाकर आदित्य ने न केवल अपने विद्यालय, बल्कि बोकारो जिला सहित पूरे झारखंड का नाम गौरवान्वित किया है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद शुक्रवार को एक बातचीत में आदित्य ने कहा कि नीट का पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबर जैसे ही उसे मिली, वह काफी निराश हो गया था। एक हताशा सी स्थिति थी। उसने इसके लिए सालभर मेहनत की थी और परीक्षा काफी अच्छी गई थी। इसी बीच 12वीं बोर्ड का रिजल्ट भी था। संयोगवश, बोर्ड परीक्षा में तो उसने कीर्तिमान रचते हुए 99.60 प्रतिशत अंक लाकर देशभर में साइंस स्ट्रीम में अव्वल होने का गौरव पाया। लेकिन, नीट की दोबारा परीक्षा को लेकर थोड़ी निराशा वाली स्थिति बनी रही। इसके बावजूद उसने हार न मानी। उसके पिता सेल एसआरयू के मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) प्रजेश चन्द्र मिश्रा एवं माता गृहिणी श्रीमती सस्मिता मिश्रा के साथ-साथ सभी रिश्तेदारों, विद्यालय के शिक्षकों एवं अन्य इष्टजनों ने भी उसका हौसला बढ़ाया। चूंकि आदित्य की तैयारी पहले से ही थी, इसलिए बहुत अधिक परिश्रम नहीं करना पड़ा। फिर भी, उसने उन विषयों को और ज्यादा मजबूती से तैयार किया, जिसे और सशक्त बनाना था। खेलकूद के साथ-साथ लगभग पांच-छह घंटे उसने पढ़ाई जारी रखी। अंततः निराशा की चुनौतियों पर उसने फतह पाई और उत्कृष्टता सफलता दर्ज की।

आदित्य की इस कामयाबी पर जहां उसके माता-पिता प्रफुल्लित हैं, वहीं विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार सहित सभी शिक्षकों ने उसे बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। री-नीट की परीक्षा में उसने कुल 720 में से 670 अंक प्राप्त किए हैं। बायोलॉजी में 98.59, केमिस्ट्री में 99.88 और फिजिक्स में 99.99 परसेंटाइल को मिलाकर कुल 99.972 परसेंटाइल के साथ उसने सफलता प्राप्त की। विदित हो कि आदित्य को 10वीं में कुल 96.8 प्रतिशत अंक मिले थे। डीपीएस बोकारो में उसने शुरू से ही पढ़ाई की है और हमेशा ही अपनी मेधाविता का परिचय दिया है। विभिन्न ओलंपियाडों एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्दा प्रदर्शन कर उसने राष्ट्रीय स्तर पर कई बार शानदार उपलब्धियां अर्जित की हैं। अपनी सफलता का श्रेय आदित्य ने अपने विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों तथा अपने माता-पिता के अथक सहयोग को दिया है।
Leave a Reply