BREAKING NEWS
अग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनरकोकर के टाटा ऑटो मोटर्स वर्कशॉप में भीषण आग, कई वाहन जलकर खाकझारखंड के छात्रों के लिए राहुल गांधी की आवाज क्यों खामोश : बाबूलाल मरांडीयुवाओं की आवाज दबाने से नहीं थमेगा छात्र आंदोलन: राफियाडॉ. मुंडा के विचारों से बनेगा अधिकार-संपन्न झारखंड : सुदेशझारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग, जेएलकेएम उपाध्यक्ष अनुज कुमार ने सरकार पर साधा निशानाअग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनरकोकर के टाटा ऑटो मोटर्स वर्कशॉप में भीषण आग, कई वाहन जलकर खाकझारखंड के छात्रों के लिए राहुल गांधी की आवाज क्यों खामोश : बाबूलाल मरांडीयुवाओं की आवाज दबाने से नहीं थमेगा छात्र आंदोलन: राफियाडॉ. मुंडा के विचारों से बनेगा अधिकार-संपन्न झारखंड : सुदेशझारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग, जेएलकेएम उपाध्यक्ष अनुज कुमार ने सरकार पर साधा निशाना
Uncategorized

नेशनल केमिस्ट्री डे पर आरयू की बड़ी घोषणा, पीसी रे के नाम से मिलेगी फेलोशिप

August 1, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में ‘नेशनल केमिस्ट्री डे’ का आयोजन ‘इको अल्केमिया-2026’ थीम के साथ किया गया। कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने भारतीय रसायन विज्ञान के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे को श्रद्धांजलि देते हुए घोषणा की कि विश्वविद्यालय हर वर्ष उनके नाम

पर शोध के लिए चार फेलोशिप प्रदान करेगा। कार्यक्रम में दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रो. राम सिंह, बीआईटी मेसरा के प्रो. सुमित मिश्र और इग्नू के प्रो. गौरव विशिष्ट अतिथि रहे। इस दौरान आईक्यूएसी के न्यूज़लेटर ‘पर्सपेक्टिव’ का विमोचन, आचार्य पीसी रे पर आधारित लघु

फिल्म का प्रदर्शन और ‘अणु टू एटम’ नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई। वक्ताओं ने रसायन विज्ञान को भारतीय ज्ञान परंपरा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार से जोड़ने पर बल दिया।

← ‘परंपरा’ मेले में उमड़ी भीड़, महिला उद्यमियों को मिला प्रोत्साहन आजसू ने कमल किशोर भगत की जयंती पर दी श्रद्धांजलि →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।