
रांची झारखंड में कृषि को वैज्ञानिक, सटीक और जलवायु-अनुकूल बनाने के लिए कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आईसीआरआईएसएटी के अधिकारियों के साथ बैठक की। नेपाल हाउस स्थित मंत्री कार्यालय में हुई बैठक में सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस और मशीन लर्निंग के जरिए फसल एवं भूमि की सटीक मैपिंग पर चर्चा हुई।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड की विविध भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों को देखते हुए एक समान कृषि रणनीति प्रभावी नहीं हो सकती। क्षेत्र विशेष की मिट्टी, वर्षा और जल उपलब्धता के आधार पर फसल चयन और योजनाओं का निर्धारण जरूरी है। तकनीकी डेटा से यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र में कौन-सी फसल, बीज और कृषि पद्धति अधिक उपयुक्त होगी।
बैठक में मिट्टी की अम्लीयता और घटती उर्वरता की समस्या पर भी तकनीकी हस्तक्षेप की संभावनाएं तलाशीं गईं। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डेटा आधारित योजना से किसानों की आय, फसल विविधीकरण और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। सिंचाई समेत अन्य विभाग भी इस तकनीक से लाभान्वित हो सकेंगे।
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