
रंजन वर्मा
कसमार (बोकारो): कसमार प्रखंड के मंजुरा गांव में रविवार को पारंपरिक लाठी खेल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री योगेंद्र प्रसाद के पुत्र बिनय कपूर, प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी एवं विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सेरे आलम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान अतिथियों ने स्वयं मैदान में उतरकर लाठी खेल का प्रदर्शन किया, जिससे खिलाड़ियों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

प्रतियोगिता में आसपास के विभिन्न गांवों से आए खिलाड़ियों ने पारंपरिक लाठी खेल की शानदार प्रस्तुति दी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने खेल का आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन स्थल पर पारंपरिक संस्कृति और खेल भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला।

अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि लाठी खेल केवल खेल नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, वीरता और आत्मरक्षा का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक क्षमता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। उन्होंने युवाओं से अपनी लोक परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बिनय कपूर ने कहा कि लाठी खेल हमारी सांस्कृतिक धरोहर और पूर्वजों की विरासत है, जिसका संरक्षण आज के दौर में अत्यंत आवश्यक है। इससे युवाओं में आत्मरक्षा की भावना विकसित होती है और वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं।
प्रखंड प्रमुख नियोती कुमारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे पारंपरिक खेल सामाजिक एकता और भाईचारे को सुदृढ़ करते हैं। यह युवाओं को अनुशासन, संयम और साहस का संदेश देता है।
वहीं विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सेरे आलम ने कहा कि खेल समाज को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। लाठी खेल हमारी ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है, जिसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, खिलाड़ियों एवं ग्रामीणों को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की कामना की।
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