BREAKING NEWS
एक्सपोजर विजिट:विभिन्न सरकारी विभागों का भ्रमण और कार्यप्रणाली की सीखअंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 20 और 21 जून को खुलेंगे सरकारी विद्यालयबीएसई के सीईओ ने वेदांता की ऐतिहासिक लिस्टिंग की सराहनाराहुल गांधी का जन्मदिन सेवा और समर्पण के साथ मनाया गयाछात्रहित के मुद्दे को लेकर राज्यपाल से मिले सुदेश महतोआई‌आईएम रांची इंडक्शन 2026: नेतृत्व और पर्सनल ब्रांडिंग पर फोकसएक्सपोजर विजिट:विभिन्न सरकारी विभागों का भ्रमण और कार्यप्रणाली की सीखअंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 20 और 21 जून को खुलेंगे सरकारी विद्यालयबीएसई के सीईओ ने वेदांता की ऐतिहासिक लिस्टिंग की सराहनाराहुल गांधी का जन्मदिन सेवा और समर्पण के साथ मनाया गयाछात्रहित के मुद्दे को लेकर राज्यपाल से मिले सुदेश महतोआई‌आईएम रांची इंडक्शन 2026: नेतृत्व और पर्सनल ब्रांडिंग पर फोकस
Uncategorized

राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में कलह उजागर : प्रतुल शाहदेव

June 20, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद उसके नेताओं द्वारा सहयोगी दलों पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हार के बाद कांग्रेस की बौखलाहट अब सार्वजनिक कलह में बदल गई है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस प्रभारी के. राजू और कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा के बयानों से स्पष्ट है कि पार्टी अपनी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय सहयोगी दलों पर दोष मढ़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राजद और माले के साथ कांग्रेस वर्षों तक सत्ता में रही, आज वही दल अचानक भ्रष्टाचारी, धोखेबाज और गद्दार कैसे हो गए।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लिए सहयोगियों का उपयोग करने और राजनीतिक नुकसान होने पर उन्हीं पर आरोप लगाने का रहा है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस की इस दोहरी राजनीति को देख रही है और पार्टी अपनी हार से उपजी हताशा को छिपाने के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहरा रही है।

← हॉस्टल खाली करने के आदेश से चिंतित छात्र पहुंचे सुदेश महतो के पास नागपुरी फिल्म ‘सेरेंग’ पर प्रतिबंध की मांग, केंद्रीय सरना समिति ने उठाई आपत्ति →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।