BREAKING NEWS
संजय सेठ के आवास पर विराजे गणपति बप्पा, सुख-समृद्धि की कामनाऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्यदूत ने राज्यपाल से की मुलाकात, झारखंड के पर्यटन-शिक्षा पर चर्चादिल्ली में झारखंड की चार शिक्षिकाओं में शामिल पूनम कुमारी को शिक्षक सम्मानफैटी लीवर पर रांची में बड़ा अभियान, एक साल में 1.20 लाख लोगों की होगी जांचआदिवासी वोटबैंक पर भाजपा की नजर, सन्नी टोप्पो ने संभाली कमानकसमार थाना के वार्षिक निरीक्षण में लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन और अपराध नियंत्रण पर जोरसंजय सेठ के आवास पर विराजे गणपति बप्पा, सुख-समृद्धि की कामनाऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्यदूत ने राज्यपाल से की मुलाकात, झारखंड के पर्यटन-शिक्षा पर चर्चादिल्ली में झारखंड की चार शिक्षिकाओं में शामिल पूनम कुमारी को शिक्षक सम्मानफैटी लीवर पर रांची में बड़ा अभियान, एक साल में 1.20 लाख लोगों की होगी जांचआदिवासी वोटबैंक पर भाजपा की नजर, सन्नी टोप्पो ने संभाली कमानकसमार थाना के वार्षिक निरीक्षण में लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन और अपराध नियंत्रण पर जोर
Uncategorized

संख्या बल नहीं होने के कारण निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन किया : बाबूलाल मरांडी

June 8, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को समर्थन देने के फैसले का बचाव किया है।

उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन के पास 24 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता है। ऐसे में गठबंधन ने विचार-विमर्श के बाद निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन करने का निर्णय लिया।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल होता तो पार्टी मंथन के बाद अपना उम्मीदवार मैदान में उतारती। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए परिमल नाथवानी का समर्थन करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय गठबंधन की सामूहिक रणनीति का हिस्सा है।

← इंडिया गठबंधन की एकजुटता का प्रतीक है नामांकन : कांग्रेस सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान को मंजूरी, डीएसई को निर्देश जारी →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।