जामा मस्जिद में शहीद-ए-आज़म कॉन्फ्रेंस, भाईचारे और सच्चाई का दिया संदेश

सिन्दरी : एसीसी के पास स्थित जामा मस्जिद में आयोजित शहीद-ए-आज़म कॉन्फ्रेंस (जलसा) में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। यह इस्लामी धार्मिक सम्मेलन खास अवसरों पर आयोजित किया जाता है, जिसमें ईद मिलाद-उन-नबी जैसे मुबारक दिन की अहमियत और पैगंबर हज़रत मुहम्मद साहब की शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही कर्बला के महान शहीद हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया गया।


कार्यक्रम में उलेमाओं ने कुरान और हदीस के माध्यम से लोगों को सच्चाई, ईमानदारी और नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। वक्ताओं ने बताया कि इमाम हुसैन ने अन्याय के सामने झुकने के बजाय सत्य के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, जो पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस दौरान सामाजिक सुधार, नशामुक्ति और आपसी भाईचारे पर भी जोर दिया गया। जलसे में मोहम्मद सबीर खान, मोहम्मद शहजाद, फैज हसन, मोहम्मद मकसूद, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद शब्बू, नौशाद, सलीम, फरहान, वाशिम, अली, मोहम्मद इदरीस, यूसुफ जमाल समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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