BREAKING NEWS
वियतनाम हादसे में मृत रांची निवासी का शव लाने में जुटा प्रशासनडिजिटल हेल्थ में मॉडल राज्य बनेगा झारखंड : इरफान अंसारीकैंब्रियन स्कूल में ‘असीमो’ लैब शुरू, रोबोटिक्स-एआई सीखेंगे विद्यार्थीसीसीएल मुख्यालय में दो दिवसीय शिविर, 296 कर्मियों की हुई जांच व आधार सेवाविश्व हृदय दिवस पर पारस एचईसी अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, 31 अक्टूबर तक विशेष पैकेजरजरप्पा मंदिर मामले में हाईकोर्ट सख्त, 5 अक्टूबर को पर्यटन सचिव और डीसी की होगी पेशीवियतनाम हादसे में मृत रांची निवासी का शव लाने में जुटा प्रशासनडिजिटल हेल्थ में मॉडल राज्य बनेगा झारखंड : इरफान अंसारीकैंब्रियन स्कूल में ‘असीमो’ लैब शुरू, रोबोटिक्स-एआई सीखेंगे विद्यार्थीसीसीएल मुख्यालय में दो दिवसीय शिविर, 296 कर्मियों की हुई जांच व आधार सेवाविश्व हृदय दिवस पर पारस एचईसी अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, 31 अक्टूबर तक विशेष पैकेजरजरप्पा मंदिर मामले में हाईकोर्ट सख्त, 5 अक्टूबर को पर्यटन सचिव और डीसी की होगी पेशी
Uncategorized

डॉक्टरों का आंदोलन तय, 21 अक्टूबर को प्रदर्शन; 22 से कार्यबहिष्कार

September 28, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड के चिकित्सकों ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को रांची में हुई संयुक्त बैठक में विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को साझा एजेंडा बनाते हुए आंदोलन की रूपरेखा तय की। 21 अक्टूबर को राज्यभर में प्रदर्शन और 22 अक्टूबर से dकार्यबहिष्कार की चेतावनी दी गई है।

चिकित्सकों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, हिंसा की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई और झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। 50 बेड तक के अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लिनिक को क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त करने का मुद्दा भी उठाया गया।

इसके अलावा डीएसीपी, करियर प्रोग्रेशन, जूनियर डॉक्टरों के वेतन, मातृत्व लाभ, भर्ती कैलेंडर, मेडिकल छात्रों के समय पर वजीफा और निजी कॉलेजों में अनधिकृत कटौती रोकने की मांग की गई। आयुष्मान भुगतान, पैकेज दर और अस्पताल लाइसेंस के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था की मांग भी शामिल है। 27 सितंबर से तैयारी और 5 से 8 अक्टूबर तक जनजागरूकता अभियान चलेगा।

← GGSESTC बोकारो की शहनाज फरहीन ने रचा इतिहास, MBA में 9.21 CGPA पर राज्यपाल के हाथों मिला गोल्ड मेडल फुटबॉल में एसबीयू चैंपियन, शॉटपुट में भी पहला स्थान →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।